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भारत में टैक्स कैसे बचाएँ?

16 March 2022

टैक्स प्लानिंग उन तरीकों में से एक है जो आपको टैक्स बचाने और अपनी इनकम बढ़ाने में मदद कर सकता है। इनकम टैक्स एक्ट एक विशेष फाइनेंसियल वर्ष में टैक्सपेयर द्वारा किए गए विभिन्न इंवेस्टमेंट्स, बचत और एक्सपेंडिचर के लिए डिडक्शन प्रदान करता है।

भारत में इनकम टैक्स कैसे बचाएँ? (How to save income tax in India)

हम कुछ ऐसे तरीकों पर चर्चा करेंगे जो आपको भारत में इनकम टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं। इनमे से प्रमुख हैं, सेक्शन 80C, 80CCD (1b), 80D, 80E, 80EE, 80EEA, सेक्शन 24, और 80G  के तहत टैक्स बचाने के रेकमेंडेड तरीके।

इनकम टैक्स बचाने के तरीके (Ways to save income tax)

  1. सेक्शन 80C के तहत इन्वेस्टमेंट ऑप्शन
  • आपकी टैक्सेबल इनकम को कम करने के लिए सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये का इंवेस्टमेंट्स करें।
  1. सेक्शन 80CCD (1b) के तहत इन्वेस्टमेंट ऑप्शन
  • 50,000 रुपये की एडिशनल डिडक्शन सेक्शन 80CCD (1b) के तहत NPS में इन्वेस्ट करके क्लेम किया जा सकता है।
  1. सेक्शन 80D के तहत इन्वेस्टमेंट ऑप्शन
  • मेडिकल इन्शुरन्स: अपने और अपने परिवार के सदस्यों के मेडिकल इन्शुरन्स एनुअल प्रीमियम पर, अधिकतम डिडक्शन की अनुमति, सेक्शन 80D के तहत, 1,00,000 रुपये है। (स्वयं और परिवार के लिए 50,000 रुपये यदि आप सीनियर सिटीजन हैं, और सीनियर सिटीजन पेरेंट्स के लिए 50,000 रुपये)।
  • मेडिकल खर्चा: यदि आप सीनियर सिटीजन हैं, और किसी भी मेडिकल इन्शुरन्स से कवर्ड नहीं हैं, तो 80D के तहत 50,000 रुपये तक के मेडिकल खर्चों पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।
  • मेडिकल इन्शुरन्स (स्वयं, पति या पत्नी और बच्चों तथा डिपेंडेंट पेरेंट्स – 60 वर्ष से काम)एनुअल मेडिकल इन्शुरन्स प्रीमियम पर 50,000 रुपये तक का डिडक्शन क्लेम  किया जा सकता है। (स्वयं, पति या पत्नी और बच्चों के लिए 25000 रुपये और 60 वर्ष से कम आयु के डिपेंडेंट माता-पिता के लिए 25000 रुपये)।
  • मेडिकल इन्शुरन्स – सीनियर सिटीजन: यदि सीनियर सिटीजन के लिए एनुअल मेडिकल इन्शुरन्स प्रीमियम पेमेंट किया गया है तो, अधिकतम 1,00,000 रुपये तक प्रति वर्ष तक का डिडक्शन क्लेम  किया जा सकता है।
  1. सेक्शन 80EE के अंदर इन्वेस्टमेंट ऑप्शन
  • होम लोन इंटरेस्ट: होम लोन इंटरेस्ट पर 50,000 रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। (होम लोन इंटरेस्ट पर सेक्शन 24 के तहत 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है)। सेक्शन 24 के लिमिट के अतिरिक्त, सेक्शन 80EE आपको होम लोन के ब्याज पर 50,000 रुपये तक का डिडक्शन क्लेम करने की अनुमति देता है।
  1. सेक्शन 80EEA के अंदर इन्वेस्टमेंट ऑप्शन
  • सेक्शन 80EEA के तहत अंदर, अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के अंतर्गत, नया घर खरीदने पर 1.5 लाख रुपये के अतिरिक्त इंटरेस्ट की योग्यता, 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है।
  • होम लोन आपकी टैक्सेबल इनकम को कम करने में भी आपकी मदद करेगा, क्योंकि होम लोन के प्रिंसिपल हिस्से पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है, और इंटरेस्ट के हिस्से को हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम से डिडक्शन के रूप में क्लेम किया जा सकता है।
  • यदि आपकी इनकम में HRA कॉम्पोनेन्ट शामिल नहीं है, तो आप 80GG के तहत हाउस रेंट डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। सलारिएड एम्प्लोयी, जिनका HRA सैलरी का हिस्से हैं और हाउस रेंट पे करते हैं, वे अपने टैक्सेबल सैलरी को पूरा या आंशिक रूप से कम करने के लिए HRA पर छूट क्लेम कर सकते हैं।
  1. चैरिटी के लिए किसी भी दान को सेक्शन 80G के तहत अंदर डिडक्शन के रूप में क्लेम किया जा सकता है।
  2. एजुकेशन लोन के इंटरेस्टपर चुकाए जाने पर सेक्शन 80E के तहत डिडक्शन की अनुमति है।

Also read in English: How to Save Tax

टैक्स कैसे बचाएं? (How to save tax)

भारत में एक व्यक्ति और HUF (हिन्दू उंडीवीडेड फैमिलीज़) के लिए उपलब्ध टैक्स-सेविंग विकल्प (ऑप्शंस), इनकम टैक्स एक्ट की सेक्शन 80C के तहत हैं। सेक्शन 80C में विभिन्न इंवेस्टमेंट्स और खर्च शामिल हैं जिन पर आप एक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये की सीमा तक डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। हमने खर्च से सम्बंधित कुछ पॉइंट्स ऊपर देखा है देखे हैं।अब नीचे दिए गए इंवेस्टमेंट्स की बात करें,जिन पर सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन की अनुमति है।

  • 5 साल का बैंक फिक्स्ड डिपोसिट (सेक्शन 80TTA- सेविंग्स बैंक अकाउंट में प्राप्त इंटरेस्ट के लिए 10,000 रुपये तक का डिडक्शन की अनुमति है)।
  • पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (PPF)
  • नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
  • नेशनल पेंशन सिस्टम Atal Pension Yogna
  • यूनिट लिंक्ड इन्शुरन्स प्लान (ULIP)
  • सुकन्यया समृद्धि योजना (SSY)
  • सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)
  • सेक्शन 54-54 F पर कैपिटल गेन्स पर, कैपिटल गेन्स एक्सेम्पशन डिडक्शन क्लेम  किया जा सकता है।

अब बात करते हैं टैक्स प्लानिंग द्वारा टैक्स कैसे बचाएं?

  1. आपके पास पहले से टैक्स सेविंग पर होनेवाले खर्चों की जाँच करें – जैसे इन्शुरन्स प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस, ईपीएफ (EPF) कंट्रीब्यूशन, होम लोन रीपेमेंट आदि।
  2. कितना इन्वेस्ट करना है, यह जानने के लिए इस अमाउंट को 1.5 लाख रुपये से घटाएं। यदि एक्सपेंसेस लिमिट कवर कर रहे हैं तो आपको पूरा अमाउंट का इन्वेस्टमेंट करने की आवश्यकता नहीं है।

अपने लक्ष्यों और रिस्क प्रोफाइल के आधार पर टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट चुनें। ईएलएसएस (ELSS) फंड, पीपीएफ, एनपीएस (NPS), लाइफ इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरन्स और फिक्स्ड डिपोसिट कुछ लोकप्रिय ऑप्शंस हैं।

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