नए mutual fund के investors यह जानना चाहते हैं कि NAV (Nat Aesset value) क्या होता है। NAV एक stock की price के समान होता है लेकिन यह बिल्कुल समान नहीं होता है। दोनों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर होता हैं।

लेकिन कई लोग पूछ रहे हैं कि NAV क्या है? कई लोग खुद को भ्रम में डाल रहे हैं और कई funds के NAV price के आधार पर अपने पैसों का investment कर रहे हैं। NAV का अर्थ क्या है इसके बारे में जानने के लिए नीचे लिखी बातों को पढ़ें।

1.What is Mutual Fund NAV?

NAV mutual fund की units की संख्या से विभाजित mutual fund  में managed assets की total value होता है।

NAV meaning: Net Asset Value.

mutual fund retail investors  से पैसे इकट्ठा करते हैं और उन्हें stock, bonds आदि जैसे विभिन्न investment vehicles में invest करते हैं। mutual fund के लिए जरूरी नहीं कि वे उनके पास की पूरी money का investment वो इन्ही में करे। क्योंकि ये अपना investment stocks में करते है इसलिए इन stoks का मूल्य समय के साथ बदलता रहता है। सभी assets  (stock, bonds etc) की वर्तमान total value का total और उनके पास के cash को Asset Under Management या AUM कहा जाता है।

Mutual fund में कई units होती हैं। जब आप mutual fund में invest करते हो तो आपको mutual fund की कोई unit दे दी जाती हैं।

Total AUM को  mutual fund की total units से विभाजित करके NAV प्राप्त होता है। या NAV को उस mutual fund की प्रत्येक unit का मूल्य भी कहा जा सकता है।
NAV= (Total AUM) ÷ (Total Number of Units)

Mutual fund में NAV का calculation कैसे होता है उदाहरण के द्वारा देखे:

उपर दिए गए formula का उपयोग करते है यदि mutual fund का AUM 5000 करोड़ रुपये है, और उस fund की units की कुल संख्या 200 करोड़ है, तो:

NAV = 5000 करोड़ ÷ 200 करोड़ = 25 रुपये

इस विधि से NAV को निकालना बड़ा ही भारी है। किसी भी fund के NAV को खोजने का एक आसान तरीका है Groww पर केवल fund page पर जाना है। जहां NAV को fund के नाम के साथ लिखा हुआ है।

# 2 क्या mutual fund investors को NAV पर ध्यान देना चाहिए?

नहीं। mutual fund के मामले में NAV लगभग पूरी तरह से अप्रासंगिक है।

भारत में, mutual fund में NAV को लोग बहुत महत्व देते हैं। नए mutual funds में पुराने funds की तुलना में कम NAV है। अभी के mutual fund investors ने अपना investment नए mutual funds में किया है जो कम NAV के बारे में लोगो की गलत धारणा की पुष्टि करता हैं।

असल में लोग नए mutual funds units में investment करने के लिए अपनी पुरानी mutual fund units को बेच रहे है ऐसे उदाहरण भी सामने आ रहे हैं।

यदि आप mutual fund में investment करने वाले हैं और आप एक mutual fund का निरीक्षण करते हैं और देखते की Rs. 10 का NAV है जबकि दूसरे  का Rs. 20 पर है। तो आपको सीधे ही कम NAV वाले mutual fund को नहीं ख़रीद लेना चाहिए। mutual fund में investment करते समय आपको पिछले प्रदर्शन, AUM size , alpha, beta इत्यादि जैसे कई  बातों को देखना चाहिए। सिर्फ NAV को देख कर ही किसी mutual fund को नहीं चुनना चाहिए।

# 3 Investors को NAV पर ध्यान क्यों नही देना चाहिए?

नीचे दिए गए उदाहरण की मदद से समझते है ऐसा क्यों।

हम दो mutual funds का उदाहरण लेते है: mutual A (MF-A) और mutual fund (MF-B)। अब हम यह समझाने के लिए कि क्यों NAV महत्वपूर्ण नहीं है हमारे उदाहरण में हम दोनों mutual funds की सभी  characteristics (fund manager, assets held, investment style, launch date, etc) पर विचार करेंगे सिर्फ NAV को छोड़कर ।

 

हमारे उदाहरण में MF-A में Rs.20 का NAV है और MF-B में Rs.50 का NAV है। ये दोनों mutual funds का 20% fund company XYZ के शेयरों में allocated  हैं। यदि company XYZ के शेयर price में 10% की बढ़ोतरी होती हैं तो MF-A और MF-B दोनों के NAV में 2% की वृद्धि होगी। तो MF-A का NAV Rs.20.4 हो जाएगा और उसी समय, MF-B का NAV Rs.51 हो जाएगा।
यहां देखने पर आपको लगता है कि MF-B एक बड़े margin के साथ आगे बढ़ी है। यह सच भी है। लेकिन आपको याद भी रखना चाहिए कि आपने MF-B में investment किया था, तो आपको MF-B की प्रत्येक units को खरीदने लिए भी high price देनी पड़ी थी।

यदि आपने MF-A में शुरुआत में Rs.100 का investment किया था तो आपने प्रति unit Rs.20 का भुगतान करके 5 units प्राप्त की होंगी। NAV में वृद्धि के बाद यदि आप इन units को बेचते हैं, तो आप को  Rs. 20.4 × 5 = Rs.102 वापस प्राप्त होगा । तो आप Rs.2 का लाभ कमा सकते थे।
इसी तरह अगर आपने MF-B में Rs.100 का investment किया था, तो आपने MF-B की 2 units को खरीदने लिए Rs.50 का भुगतान किया होगा। यदि NAV में वृद्धि के बाद आपने इन units को बेचा तो आप को वापस Rs. 51× 2 = Rs.102 होंगे।जो कि MF-A के समान ही होगा।

 

लेकिन कोई भी दो mutual funds कभी भी समान नहीं होते हैं। investment से पहले आपको उस mutual fund की कई characteristics को देखना चाहिए। ऊपर दिया गया उदाहरण यही दर्शाता है कि mutual funds के लिए NAV  ज्यादा मायने नही रखता है।

# 4. मैं किसी mutual fund के NAV को कैसे प्राप्त कर सकता हुँ?

आप NAV की पूरी जानकारी को growow.in पर  उस mutual fund से संबंधित page पर जा कर प्राप्त कर सकते हो।

इस उदाहरण की मदद से हम NAV को कैसे जाने ये अच्छी तरह से समझ जायेंगे। मान लेते कि आप mutual fund SBI Bluechip Fund के NAV को जानना चाहते हैं।

step 1: groww.in पर जाएं

Step  2: आवश्यक details को भरकर अपने Grows account को log in करें।

step  3: top पर search bar में ‘SBI Bluechip Fund’ type करें और enter press करे।
Step 4. अब ‘SBI Bluechip Fund’ का page खुल जायेगा।

mutual funds के नाम के अंदर आप उस mutual fund के NAV देख सकते हो।

# 5.NAV और AUM के बीच क्या अंतर है?

Investment करते समय आप NAV को अन देखा कर सकते हो लेकिन AUM को नहीं।

AUM या Asset Under Management किसी mutul fund  द्वारा नियंत्रित की गई कुल संपत्ति है। इसमें mutual fund द्वारा investment किये गए सभी assets के साथ-साथ cash को भी शामिल किया जाता है।

NAV या Net Asset Value किसी mutual fund की प्रत्येक units की price होती है। इसका calculation mutual fund की total units में से AUM को विभाजित करके की जाती है।

# 6. Evening को mutual fund खरीदते समय कौन सी NAV Value को Consider किया जाता है?

उसी दिन की NAV को Considered किया जाता है यदि mutual fund 3 बजे से पहले ख़रीदा जाता है।

यदि आप एक working day में 3 बजे से पहले किसी mutual funds की units के लिए order देते हैं तो आपको उसी दिन के NAV price पर units मिलेंगी।

यदि order 3 बजे के बाद किया जाता है तो आपको दिन के अंत के NAV price पर units मिलेगी।

holidays पर किये गए सभी orders next working day के अंत के price के साथ दिए जाते हैं।

# 7. Evening को mutual funds की units की selling के समय कौन सा NAV value Considere किया जाता है?

वो ही rules apply होते है जब आप units को खरीदते है।

यदि आप एक working day में 3 बजे से पहले किसी mutual funds की units को sell करते  हैं तो आपको उसी दिन के NAV price पर units को sell करना होगा ।

यदि order 3 बजे के बाद किया जाता है तो आपको दिन के अंत के NAV price पर units को sell करना पड़ेगी।

holidays पर किये गए सभी orders next working day के अंत के price के साथ sell किये जाते हैं।

# 8. NAV को कब updated किया जाता है।

प्रत्येक working day के अंत में NAV को updated किया जाता है।

NAV को mutual fund के द्वारा हर दिन के अंत में updated किया जाता है। SEBI ने mutual fund को हर दिन 9 बजे तक NAV को updated करने का आदेश दिया है। अधिकांश updated NAV mutual funds  के पास AUM update करने के लिए अपना specific time होता है। जो कि 9 बजे से पहले निश्चित रूप से करना होता है।

किसी mutual fund द्वार बहुत से  different assets की velue को लगातार track करने में बहुत ही कठिनाई होती है इसी वजह से NAV को live नहीं किया जा सकता है।

# 9. क्या मुझे एक high NAV के साथ किसी mutual fund में investment करना चाहिए?

यदि mutual fund की अन्य characteristics (विशेषताए) अच्छी हो तो आपको  investment करना चाहिए।

ऊपर बताए गए  एक उदाहरण में हमने यह दिखाया था कि यदि कोई mutual fund अच्छा प्रदर्शन करने वाला Mutual fund है तो NAV value का उसके लिए कोई मतलब नही रह जाता है।

NAV equity market के stock की price की तरह नहीं होता है। आपको NAV कि ज्यादा velue होने चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। NAV की value को कम या ज्यादा नहीं किया जा सकता क्योंकि NAV की velue demand से नियंत्रित नहीं होती हैं। stock के मामले में price demand से नियंत्रित होती है। NAV केवल AUM के size से नियंत्रित होता है।

# 10.Sensex और nifty mutual fund के NAV की value को कैसे प्रभावित करते हैं?

यह उस mutual fund के type पर निर्भर करता है।

बहुत से mutual funds में कई प्रकार के asstes होते हैं। किसी mutual fund का NAV sensex या nifty से प्रभावित है या नही यह उस mutual fund के asstes पर निर्भर करता है। यहां तक कि जिस degree से mutual fund sensex या nifty से प्रभावित होता है यह उसके द्वारा held किये गए assets के type और quantity पर निर्भर करता है।

 

Sensex: इसे BSE 30 के नाम से भी जाना जाता है। sensex Bombay Stock Exchange (BSE) में listed 30 सबसे बड़ी companies में से एक free-float market-weighted stock market index है। ये companies देश की सबसे स्थिर financial companies में से होती हैं।

Nifty: sensex की तरह nifty भी National Stock Exchange (NSE) में listed सबसे बड़ी companies का एक free-float market-weighted stock है। लेकिन sensex के विपरीत nifty 50 सबसे बड़ी firms को counts करता है। इसमें 13 industry sectors शामिल हैं। इसमें भी बहुत सी stable और financially sound companies शामिल है।


NAV पर प्रभाव: किसी भी NAV पर sensex और nifty का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि mutual funds ने उन companies में कितना invest किया है जो sensex या nifty या फिर दोनों का हिस्सा हैं। देश की सबसे बड़ी companies में invest करने वाले large cap mutual funds का NAV sensex या nifty के बदलाव से काफी प्रभावित होता है।

multi cap mutual funds कई प्रकार की size की companies में invest करते हैं। उनके large cap assets के amount के आधार पर ही sensex या nifty के बदलावों से यह प्रभावित हो भी सकता है या नहीं भी हो सकता है।

#11. क्या NAV, Stock Price के समान है

NAV demand के प्रति immune(प्रति रोधी) है। जबकि stock की demand के आधार पर price बदलती हैं।

किसी mutual fund के NAV और company के stock price के बीच तुलना करना आसान है। बहुत हद तक ये समान ही होते हैं। NAV, mutual fund की book value को प्रभावी रूप से दर्शाता है। यह mutual funds द्वारा held assets की exact value है।

stock की price ही company की book value को reflect करती हैं। companies के मामले में book value में company के द्वारा held किये गए सारे assets और उसके profit को शामिल किया जाएगा। लेकिन stock की price एक और metric के आधार पर बदल सकती है: और वो है demand यदि बहुत से लोग इसे चाहते हैं तो stock की price बढ़ सकती है। इसके विपरीत बहुत अधिक लोग उस stock की selling शुरू कर देते हैं तो stock की price गिर सकती है।

 

स्मार्ट और समझदार investors उन stocks की selling करके पैसा कमाते हैं जो over-value हैं और under-value वाले stocks खरीदते हैं। mutual fund का NAV, demand पर परिवर्तन नही होता है। यही वजह है कि NAV  न तो overvalued हो सकता है और न ही यह under-valued हो सकता है। और यही कारण है कि कोई mutual fund units को खरीदने के लिए NAV कोई बड़ा factor नही होना चाहिए।

# 12. SIP का NAV क्या होता है?

यह किसी fund के NAV के समान होता है।

SIP और lumpsum, mutual fund में investment करने के दो तरीके हैं।

SIP: यह Systematic Investment Plan होता है। इस method का उपयोग करके आप हर महीने अपनी पसंद के mutual fund में कोई fixed amount का investment कर सकते हो। amount हर महीने आपके account से automatically  deduct कर दिया जाता है। mutual fund में investment करने के लिए यह एक बहुत ही अनुशासित तरीका है।

lump sum : इसमें आप किसी mutual fund में एक ही बार में बड़े amount का investment कर सकते हो।
ज्यादातर mutual funds आपको दोनों methods से investment करने के लिए अनुमति देते है। SIP और lump sum amount कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन सी methods चुनते होम mutual fund की characteristics वही रहती हैं। किसी भी mutual fund का NAV SIP और lump sum investment दोनों के लिए एक समान ही रहता है।

# 13. क्या stock के case में mutual fund की NAV drop की value होती है?

हां, किसी mutual fund का NAV उनके द्वारा held की गई assets की value के आधार पर drop हो सकती है।

Mutual fund कई प्रकार के investment  instruments में invest करते हैं। ये companies, bonds आदि के stocks हो सकते हैं। समय-समय पर इनकी price में परिवर्तन होता रहता है।  किसी भी दिन यदि mutual fund द्वारा held asstes की value पिछले दिन की तुलना में कम होती है तो NAV भी पिछले दिन की तुलना कम होगा।लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि NAV हमेशा up और down होता रहता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि mutual fund कितना अच्छा है। NAV की value गिरने से mutual funds की units को घबरा कर sell नही करना चाहिए। किसी mutual fund को sell करने का निर्णय उससे कहीं अधिक कठिन है।

 

Investment की शुभकामनाएं!