क्या आप म्युच्युअल फण्ड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं?

लेकिन आप समझ नहीं पा रहे हैं कि कौन सा म्युच्युअल फण्ड सबसे अच्छा है ?

तो, ये आर्टिकल आपकी  मदद कर सकता है

एक्सिस असेट मैनेजमेंट कंपनी लि. द्वारा एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड मैनेज किया जाता है। इस कंपनी के फण्ड मैनेजर जिनेश गोपानी हैं।

और दूसरी ओर,  ICICI असेट मैनेजमेंट कंपनी लि. द्वारा  ICICI प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड मैनेज किया जाता है, जिसके मैनेजर हैं जॉर्ज हेबर जोसफ |  

यह फण्ड पहले ICICI प्रुडेंशियल टैक्स प्लान के  रूप में स्थापित किया गया था,, लेकिन फिर 2015 में इसका नाम बदलकर ICICI प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड कर दिया गया था।

अब थोड़ी गहराई  से समझने की कोशिश करते हैं कि ये  म्युच्युअल फंड आख़िर काम कैसे करते हैं|

एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड बनाम आईसीआईसीआई(ICICI) प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड

1.स्कीम/योजना:

दोनों ही म्युच्युअल फंड एक ही श्रेणी में आते हैं। ये दोनों फंड ईएलएसएस/ELSS फंड होते हैं, जो धारा 80C के तहत टैक्स बचाने में योगदान देते हैं।

टैक्स लाभ के साथ साथ , एक इन्वेस्टर के तौर पर, इन  म्युच्युअल फंड से आप पूँजी लाभ के भी फायदे उठा सकते हैं|

ऐक्सिस और ICICI दोनों के फंड ओपन एंडेड होते हैं जिसका मतलब होता है कि इन फंड्स की यूनिट को इन्वेस्टर्स अपने हिसाब से कभी भी ख़रीद या बेच सकते हैं।

इन दोनों फंड्स के लिए न्यूनतम इन्वेस्टमेंट भी एक जैसा है – 500 रुपये ।

लेकिन इन दोनों फंड्स में सबसे बड़ा फर्क AUM में देखा जा सकता है|

ताज़ा अपडेट के अनुसार, एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड का फण्ड साइज़ है  ₹17,299 करोड़ जबकि ICICI का फण्ड साइज़ है ₹5,258 करोड़।

2.NAV की जानकारी:

ताज़ा रिकार्ड्स के अनुसार एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड की NAV रु 48.70प्रति यूनिट है| यह इकाई कुछ दिनों पहले ही  रिकॉर्ड की गई 52 हफ़्तों की सबसे उच्चतम इकाई 49.637 के आसपास ही है ।

वहीं ICICI के फण्ड की क़ीमत रु. 408.8 प्रति यूनिट दर्ज़ की गई है। इस फण्ड की 52 हफ़्तों की सबसे कम क़ीमत सितम्बर 2017 में देखी  गई थी और वो थी 350.610 रुपये |

3.रिटर्न्स:

आइए, अब इन दोनों फंड्स को एक साल की अवधि में इनसे मिलने वाले रिटर्न्स के आधार पर देखते हैं |

जैसा कि ICICI प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड का 5 वर्षीय इन्वेस्टमेंट पीरियड बेहद प्रभावशाली रहा है लेकिन ICICI  की तुलना में एक्सिस फंड्स 1 और 5 वर्षीय श्रेणी में बहुत कुछ ऑफर करते हैं |

अगर हम बात करते हैं 6 महीनों के इन्वेस्टमेंट पीरियड की, तो ICICI कि तुलना में एक्सिस बेहतर साबित होता है। जहाँ ICICI ने  6 महीने के इन्वेस्टमेंट पर 9% रिटर्न दिया है वहीं एक्सिस ने 13.9% का रिटर्न दिया है।

दोनों फंड्स के सालाना रिटर्न्स

Axis Long Term Equity Fund
Fund Name 1Y 3Y 5Y Category Risk
Axis Long Term Equity Fund - Direct - Growth 4.5% 12.53% 22.09% Equity Moderately High
ICICI Prudential Long Term Equity Fund (Tax Saving)
Fund Name 1Y 3Y 5Y Category Risk
ICICI Prudential Long Term Equity Fund (Tax Saving) - Direct - Growth 4.49% 10.86% 18.04% Equity Moderately High

कुल मिलाकर, देखा जाए तो ICICI प्रूडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड 3 महीने से 5 साल की अवधि में काफी ऊपर नीचे होता है, लेकिन वहीं एक्सिस बेहतर रिटर्न्स के साथ एक स्थिरता के साथ चलता है ।

4.पोर्टफोलियो

एक म्युच्युअल फण्ड में इन्वेस्ट करने से पहले इन्वेस्टर जिस चीज़ पर सबसे ज़्यादा ध्यान देते हैं, वह है उस फण्ड का पोर्टफोलियो। पोर्टफोलियो के दो मुख्य भाग होते हैं: होल्डिंग्स और सेक्टर्स

5. मुख्य  होल्डिंग्स

एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड्स के 5 मुख्य होल्डिंग्स हैं:  

  • एचडीएफसी (HDFC) बैंक
  • टीसीएस (TCS)
  • कोटक महिंद्रा
  • एचडीएफसी (HDFC)
  • पीडिलाइट इंडिया

इनमें से 1,765.40 करोड़ रूपये के साथ HDFC बैंक की होल्डिंग सबसे ज़्यादा है ,  असेट का 9.67% हिस्सा HDFC के पास है। म्युच्युअल फण्ड का 37.7% हिस्सा इन 5 मुख्य कंपनियों के पास है।

ICICI  प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड के 5 मुख्य होल्डिंग्स हैं :

  • आईटीसी (ITC)
  • एसबीआई (SBI)
  • एनटीपीसी (NTPC)
  • ICICI  बैंक
  • विप्रो

कुल असेट का लगभग 23.29% हिस्सा इन 5 कंपनियों के पास है। ITC के पास कुल असेट का  7% है और सबसे ज्यादा हिस्सा इसी के पास है जिसका मूल्य लगभग 389.34 करोड़ रुपये है|

6. 3 मुख्य सेक्टर्स :

होल्डिंग्स के आधार पर यह कहा जा सकता है कि एक्सिस म्युच्युअल फंड्स  3 मुख्य सेक्टर्स पर ज्यादा निर्भर हैं, वे सेक्टर्स हैं- बैंकिंग/फाइनेंस, ऑटोमोटिव और टेक्नोलॉजी। इन तीनों सेक्टर्स से कुल 63.71% हिस्सा आता है | |

इसी के साथ साथ, यह फंड  केमिकल्स , फार्मास्युटिकल्स, और कौन्स ड्युरेबल में भी इन्वेस्ट करता है।

वहीं दूसरी तरफ ICICI  भी बैंकिंग/फाइनेंस, फार्मास्युटिकल्स  ऑटोमोटिव में भी काफी दिलचस्पी रखता है|

यह तीनों सेक्टर्स कुल असेट फण्ड का 38.83% हिस्सा बनाते हैं।

अन्य सेक्टर्स जिनमें इन्वेस्ट किया जाता है वो हैं तंबाकू, टेलीकॉम और यूटिलिटीज़। लेकिन बाकी क्षेत्रों की तुलना में इन क्षेत्रों पर निर्भरता थोड़ी कम रहती है।

नतीजे के रूप में:

इस लेख के ज़रिए हमें यह पता चलता है कि म्युच्युअल फण्ड में इन्वेस्ट करने के लिए एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड्स और ICICI  प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड्स दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं और जैसा कि हमने बताया इनके अनेक फायदे भी हैं।

लेकिन, अगर इन विकल्पों में से कोई एक को  चुनना हो, तो हमारी राय होगी कि अगर आप शार्ट टर्म गोल्स लेकर चल रहें हैं तो आपको एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड्स में इन्वेस्ट करना चाहिए|

और दूसरी तरफ अगर आप इन्वेस्ट करने के  लिए लॉन्ग टर्म गोल्स दिमाग में रख कर चल रहें हैं तो ICICI आपके लिए एक बेहतर म्युच्युअल फण्ड साबित होगा|  

Investment   की शुभकामनाएं!